कार्यक्रम का संचालन कक्षा 11वीं के विद्यार्थियों द्वारा किया गया। कक्षा 11वीं के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना एवं विदाई गीत ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
पुस्तकालय,पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय,बस्ती
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पुस्तकालय,पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय,बस्ती
केंद्रीय विद्यालय में आज 15/12/2025(सोमवार)को केन्द्रीय विद्यालय संगठन का 63वाॅं स्थापना दिवस साथ ही वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। जिसमें विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ ही खेलकूद प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग किया। इस मौके पर बच्चों ने स्वागत गान एवं समूह नृत्य प्रस्तुतियां दी।
आज दिनाँक 26/01/2025 को केंद्रीय विद्यालय रिफाइनरी नगर मथुरा में 76वां गणतन्त्र दिवस बड़े धूमधाम एवं उत्साह के साथ मनाया गया|देश में हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है। आप सभी को विद्यालय परिवार की तरफ से 76वें गणतन्त्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
उनके हौंसले का मुकाबला ही नहीं है कोई
जिनकी कुर्बानी का कर्ज हम पर उधार है
आज हम इसीलिए खुशहाल हैं क्यूंकि
सीमा पे जवान बलिदान को तैयार है….
स्वतन्त्र भारत के नागरिकों के लिए 15 अगस्त और 26 जनवरी दोनों ही दिन बहुत विशेष हैं| इस दिन शहीदों की कुर्बानी को याद किया जाता है और वतन पर जान देने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी जाती है| ये दिन देश भक्तों के नाम है जिन्होंने हँसते हुए फांसी का फंदा चूम लिया ताकि हम लोग आजाद हिंदुस्तान में सांस ले सकें|
उन शहीदों को दिल से सलाम जिन्होंने अपने घर, परिवार और अपने प्राणों की चिंता ना करते हुए अपना सब कुछ देश के लिए न्यौछावर कर दिया और भारत माता को अंग्रेजी बेड़ियों से मुक्त कराया| हम उन शहीदों को दिल से नमन करते हैं और सौगंध लेते हैं कि उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जायेगा, हम भी अपने प्राणों की चिंता किये बगैर इस मातृभूमि की रक्षा करेंगे |
जय हिन्द जय भारत जय संविधान।
पुस्तकालय केन्द्रीय विद्यालय रिफाइनरी नगर मथुरा
केंद्रीय विद्यालय रिफाइनरी नगर मथुरा में आज दिनांक 23/01/2025 को पराक्रम दिवस का आयोजन बड़ी धूमधाम से किया गया । कार्यक्रम की शुरुआत प्राचार्य जी द्वारा नेताजी सुभाषचन्द्र बोस जी प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित करने के साथ हुआ।
इस अवसर पर विद्यालय की छात्रा ने स्वामी विवेकानंद जी के जीवन से संबंधित अपने विचार प्रकट किए। कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य जी ने अपने उदबोधन में नेताजी सुभाषचन्द्र बोस का देश की आजादी में योगदान को रेखांकित एवं प्रेरक बातों को विद्यार्थियों के साथ साझा किए।
इस अवसर पर विद्यालय में जिला स्तरीय प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें जिले के विभिन्न विद्यालयों विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता में प्रथम,द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को प्राचार्य जी द्वारा प्रमाण - पत्र तथा पुरस्कार प्रदान किए गए।
पराक्रम दिवस 23 जनवरी को भारत में मनाया जाता है। भारत सरकार द्वारा 2021 में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125 वीं जयन्ती से पहले इस दिवस को पराक्रम दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की गयी थी।
देश की आजादी के महानायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती को 'पराक्रम दिवस' के रूप में भी मनाया जाता है. ब्रिटिश शासन से देश की आजादी की लड़ाई के दौरान नेताजी के दिए नारों ने देशभक्ति की अलख जगा दी थी- तुम मुझे खून दो , मैं तुम्हें आजादी दूंगा, जय हिन्द, दिल्ली चलो. इसमें से तो 'जय हिंद' का नारा राष्ट्रीय नारा बन गया।
सुभाष चंद्र बोस के बारे में 05 महत्वपूर्ण बातें -
1- सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी, 1897 में ओडिशा के कर्नाटक में एक बंगाली परिवार में हुआ था. इनकी मां का नाम प्रभावती और पिता का जानकीनाथ था।
2- आपको बता दें कि सुभाष चंद्र बोस 14 भाई बहन थे. जिसमें से ये 9वें नंबर पर थे।
3 - सुभाष चंद्र बोस ने इंडियन सिविल सर्विस की परीक्षा भी पास की थी जिसमें उन्हें चौथा रैंक प्राप्त हुआ था, लेकिन उन्होंने अंग्रेजों से मुल्क की आजादी के लिए इस पद की बलि चढ़ा दी।
4 - देश की आजादी के लिए सुभाषचंद्र बोस ने 1943 में सिंगापुर में आजाद हिंद फौज सरकार की स्थापना की. जिसे 9 देशों की सरकारों ने मान्यता दी थी जिसमें जर्मनी, जापान और फिलीपींस भी शामिल थे।
5 - 18 अगस्त 1945 को ताइपई में हुए एक विमान दुर्घटना के बाद नेताजी लापता हो गए. इसके लिए 3 जांच आयोग बैठाए गए जिसमें से दो ने दुर्घटना के दौरान मृत्यु का दावा किया था जबकि तीसरी कमेटी का दावा था कि घटना के बाद सुभाष चंद्र बोस जिंदा थे।
पुस्तकालय केन्द्रीय विद्यालय रिफाइनरी नगर मथुरा
इस अवसर पर विद्यालय की छात्राओं ने स्वामी विवेकानंद जी के जीवन से संबंधित अपने विचार प्रकट किए। कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य जी ने स्वामी विवेकानंद जी से जुड़े प्रेरक बातों को विद्यार्थियों के साथ साझा किए तथा उनके बताएं मार्ग पर चलकर देश की प्रगति में युवाशक्ति की भूमिका को रेखांकित किया।
हर साल 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जाता है। यह दिन स्वामी विवेकानंद के जन्मदिन को चिह्नित करने के लिए मनाया जाता है। वही, स्वामी विवेकानंद जो आज भी देश के लाखों युवाओं के प्रेरणास्रोत हैं और भारतीय इतिहास के सबसे प्रभावशाली नेतृत्वकर्ताओं में से एक थे। प्रति वर्ष केंद्र सरकार एवं विभिन्न राज्य सरकारों से लेकर, सामाजिक संगठन और रामकृष्ण मिशन के अनुयायी विवेकानंद जयंती बड़े सम्मान के साथ मनाते हैं।
भारत सरकार ने 1984 में 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में घोषित किया था। 1985 से प्रति वर्ष देश 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस मना रहा है। स्वामी विवेकानंद के भाषण, उनकी शिक्षाएं और उद्धरण हमेशा युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत रहे है।
पुस्तकालय केन्द्रीय विद्यालय रिफाइनरी नगर मथुरा
पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय,बस्ती में दिनाँक 07/02/2026 (शनिवार) को विदाई समारोह का आयोजन बड़े उत्साह और हर्षोल्लास के साथ किया गया। ...